यूपीएससी (UPSC) क्या है | UPSC full form in hindi

प्रत्येक वर्ष दुनियाभर में लाखों युवा एक बेहतर भविष्य की कामना कर अपने घर से या घर से दूर रहकर सरकारी-नौकरी के लिए अनैकों प्रतियोगी परीक्षाओं के समुन्दर में डूबकर तैयारी के लिए दिन-रात लगातार कठिन महनत करते हैं। लेकिन इस आर्टिकल में आप भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा यूपीएससी (UPSC) क्या है | UPSC full form in hindi के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से जानेंगे वाले हैं। 

यूपीएससी (UPSC) दुनिया का दूसरा सबसे कठिन एवं भारत की सबसे पुरानी प्रतियोगी परीक्षा (Oldest Competitive exam) है।

बता दें कि ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में पूरी ईमानदारी के साथ UPSC के उम्मीदवारों को बताया जाता है कि आप सभी में से 99.9% लोग IAS नहीं बनने वाले हो जोकि एक तथ्य (Fact) है क्योंकि इस परीक्षा में हर साल लगभग 12 लाख उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। जिसमे पहले चरण प्रीलिम्स (Prelims) के बाद 15 हजार उम्मीदवार बचते हैं। इसके बाद दूसरे चरण मैन्स (Mains) के बाद 3 हजार ही उम्मीदवार बचते हैं। इसके बाद तीसरे या आखिरी चरण इंटरव्यू (Interview) होता है, जिसमे 1 हजार से भी कम IAS चुने जाते हैं।

इस प्रतियोगिता (upsc in hindi) में ज्यादातर लोग थक-हार कर, मानसिक और शारीरिक रूप से टूट एवं भाग जाते हैं। इसके बाबजूद भी हर यूपीएससी-उम्मीदवार (UPSC-Aspirants) धैर्य (Patience), द्रढता(Perseverance) एवं पूरी निष्ठा (Dedication) के साथ अपने सपनों को उडान देने के लिए कठिन एवं लगातार कड़ी-महनत मे जुट जाता है।  

यूपीएससी की फुल फॉर्म क्या है – upsc full form in hindi

यदि यूपीएससी की फुल फॉर्म की बात करें तो UPSC की फुल फॉर्म Union Public Service Commision (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) होती है। जिसे हिंदी में ‘संघ लोक सेवा आयोग’ के रूप में जाना जाता है।

यूपीएससी क्या होता है – What is upsc in hindi

यूपीएससी (UPSC) यानिकि ‘लोक सेवा संघ आयोग’ भारत की एक स्वतंत्र केंद्रीय संस्था है। जिसका काम ‘सिविल सेवा परीक्षाएं’ संपन्न कराना है। जिसमे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के साथ-साथ प्रथम श्रेणी और द्वतीय श्रेणी केंद्रीय-सेवाओं (अधिकारियों का चयन) की परीक्षाएं भी संपन्न कराती है।  

लोक सेवा संघ आयोग (यूपीएससी) 24 पदों की परीक्षाएं कराता है। लेकिन इस संस्था को मुख्य तौर पर सिविल सेवाओं के लिए जाना जाता है। जिसमे सबसे चहेते पद IAS, IPS और IFS हैं।

बता दें कि यूपीएससी (UPSC) द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवाएँ (Indian Administrative Services) को लेकर युवाओं में अच्छा-खासा उत्साह देखा जाता है। इसी कारण अनैकों युवा IIT, IIM और AIIMS जैसे उच्चतम संस्थानों के डॉक्टर्स, इंजिनियर्स और निजी-क्षेत्रों का अच्छा-खासा वेतन छोड़कर UPSC को अपनाते हैं। इसके हमने कई उदाहरण भी देखे हैं। जानकार बताते हैं कि यह लोग इसलिए इन नौकरियों को छोड़ देते हैं क्योंकि वह सिविल-सेवक (अधिकारी) बनकर सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं का क्रियान्वयन कर समाज की सेवा कर सकें और वह रुतवा और स्वाभाव हाशिल कर सकें; जिसे कितने भी रूपये देकर हाशिल नहीं किया जा सकता है।

यूपीएससी (UPSC) की स्थापना कब हुई थी

यदि ‘लोक सेवा संघ आयोग’ (UPSC) की स्थापना या इतिहास की बात करें तो अंग्रेज (ब्रिटिश-शासन) रेलवे के अलावा भारतीयों के लिए सबसे बहतरीन चीज upsc छोड़कर गए थे जोकि किसी भी भारतीय-नागरिक को प्रशासनिक अधिकारी बनाकर; उसके रॉब, रुतबे और समाज के प्रति सुधारक बनाने की शक्ति प्रदान करता है।

यूपीएससी के आधुनिक इतिहास को जाने तो लगभग 18वीं सदी के मध्य में ही ब्रिटिश-शासन काल के दौरान ही इसकी शुरुआत हो गई थी। उस दौरान यह ‘भारतीय नागरिक सेवा’ के रूप में जानी जाती थी; जिसमे अधिकारीयों को व्यापक अधिकार हाशिल थे मतलब वह मुख्य तौर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और टैक्स इकठ्ठा करना आदि कार्य करते थे। ब्रिटिश-शासन के दौरान इसमें सबसे बड़ी खामी यह थी कि उच्च-स्तरीय सेवाएं ब्रिटिश अधिकारीयों के लिए ही सीमित थीं।

इसके बाद वार्षिक परीक्षा के रूप में 1 अक्टूबर, 1926 मे इसकी PSC यानिकि पब्लिक सर्विस कमीशन (लोक सेवा आयोग) के रूप में स्थापना हो गई। लेकिन जब भारत आजाद हुआ तो ‘लोक सेवा आयोग’ ने इसमें कुछ बदलाव करके उन अधिकारों में विस्तार कर दिया और 26 अक्टूबर, 1950 में इसके नाम में परिवर्तन करके संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) कर दिया जोकि आज इसी नाम से जाना जाता है। जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में मौजूद है।

यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाएं कौन सी हैं

जैसे की आप जान चुकें हैं कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) कुल 24 सर्विसेज की परीक्षाएँ कराती हैं। जिसमे सिविल सर्विसेज (IAS, IPS IFS), ग्रुप ‘ए’ सर्विसेज (IFS, IAAS, IRS, ITS आदि) तथा ग्रुप ‘बी’ सर्विसेज (AFHCS, DANICS आदि) की परीक्षाएँ प्रत्येक वर्ष आयोजित कराई जाती है।

UPSC में कितने पोस्ट (सर्विसेज) होते हैं?

भारतीय राष्ट्रीय एजेंसी ‘संघ लोक सेवा आयोग’ द्वारा संपन्न होने वाली 24 सर्विसों की कुछ सर्विसों पर एक नज़र डालें तो वह इस प्रकार हैं –

  • Indian Administrative Service – भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • Indian Police Service – भारतीय पुलिस सेवा
  • Indian Forest Service – भारतीय वन सेवा
  • Indian Foreign Service – भारतीय विदेश सेवा
  • Indian Audit and Accounts Service (भारतीय लेखा-परीक्षा और लेखा सेवा)
  • Indian Revenue Service (भारतीय राजस्व सेवा)
  • Indian Trade Service (भारतीय व्यापार सेवा)
  • Indian Defence estates services (भारतीय रक्षा संपदा सेवा)
  • Armed Forces Headquarters Civil Services (सशस्त्र बल मुख्यालय सिविल सेवा)
  • Pondicherry Civil Service & Pondicherry Police Service (पुदुचेरी सिविल सेवा & पुदुचेरी पुलिस सेवा)

यूपीएससी के लिए योग्यता – What is qualification for UPSC

लोक सेवा संघ आयोग (यूपीएससी) या सिविल सेवा परीक्षा में आवेदन के लिए उम्मीदवार या अभ्यर्थी को किसी भी विषय में स्नातक (ग्रेजुएशन) उत्तीर्ण होना चाहिए। मतलब यूपीएससी परीक्षा में किसी विशेष विषय में पास होना अनिवार्य नहीं है यानिकि उम्मीदवार किसी भी विषय से केवल स्नातक (ग्रेजुएशन) पास होना चाहिए।

इसके अलावा इस परीक्षा (upsc) में वह अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकता है जो अपने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में पढाई कर रहा हो।

यूपीएससी के लिया आयु सीमा – What is age for UPSC

यूपीएससी या सिविल सेवा परीक्षा में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तो वहीं अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा आरक्षण के आधार पर भी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाती है।

  • सामान्य श्रेणी (General category) –  0 वर्ष की छूट
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 3 वर्ष की छूट
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC & ST) – 5 वर्ष की छूट

इनके अलावा 5 वर्ष की आयु में छूट उन उम्मीदवारों को भी मिलती है; जिन्होंने भारतीय सेना में कम से कम 5 वर्ष या उससे अधिक सेवाएँ दी हैं।

यूपीएससी परीक्षा में मौके – How many attempt in UPSC

यदि बात करें कि यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार कितनी बार बैठ सकता है? मतलब कितनी बार परीक्षा दे सकता है तो यह आरक्षण के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

  • सामान्य वर्ग (General Category) – 6 बार
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 9 बार
  • अनुसूचित जाति एव अनुसूचित जनजाति वर्ग (SC & ST) – असीमित बार

राष्ट्रीयता: क्या अन्य देश के उम्मीदवार भी यूपीएससी परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं?

यदि जाने कि यूपीएससी सभी सेवाओं में किन-किन देश के अभ्यार्थी आवेदन कर सकते हैं? तो चलिए जानते हैं।

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई०ए०एस०), भारतीय पुलिस सेवा (आई०पी०एस०) और भारतीय वन सेवा (आई०एफ०एस०) की सेवाओं के लिए उम्मीदवार या छात्र भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • उपर्युक्त सेवाओं को छोड़कर यूपीएससी की अन्य सभी सेवाओं (ग्रुप ‘ए’ एवं ग्रुप ‘बी’) के लिए भारत के नागरिक के साथ-साथ नेपाल, भूटान एवं तिब्बत (तिब्बत के वह शरणार्थी जो 1 जनवरी 1962 से पहले भारत आये हों) के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

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यूपीएसी की भर्ती-प्रक्रिया – UPSC exam pattern in hindi

यदि बात करें की यूपीएससी (UPSC) या सिविल सर्विसेज परीक्षा (CSE) की भर्ती-प्रक्रिया क्या है? तो यह हिस्सा इस आर्टिकल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए आपको यह सटीकता से पढना चाहिए।

लोक सेवा संघ आयोग द्वारा यह परीक्षा तीन चरणों मे संपन्न करायी जाती है।

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)
  2. मुख्य परीक्षा (Main Exam)
  3. साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) पहले चरण के रूप में कराई जाती है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों को 2 वस्तुनिष्ठ-प्रकार (ऑब्जेक्टिव टाइप) के प्रश्न-पत्र देने होते हैं।

इसमें पहला पेपर सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज) का 100 प्रश्नों के साथ 200 अंको का होता है। जिसमे 2 घंटे का समय दिया जाता है और साथ में 1/3 का नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) भी होती है।

दूसरा पेपर सामान्य अध्ययन (सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड या CSAT) का 80 प्रश्नों के साथ 200 अंकों का होता है। जिसमे 2 घंटे का समय तथा 1/3 की नेगेटिव मार्किंग होती है।

प्रारंभिक परीक्षा की महत्वपूर्ण बात यह है कि इस परीक्षा के अंक अंतिम परिणाम की मेरिट लिस्ट नहीं जोड़े जाते हैं, लेकिन इसे उत्तीर्ण करे बिना कोई भी उम्मीदवार मुख्य परीक्षा (मैन्स) में सम्मिलित नहीं हो सकता है।

मुख्य परीक्षा – मुख्य परीक्षा (मैन्स) यूपीएससी के द्वारा दूसरे चरण के रूप में कराई जाती है। इस परीक्षा में उम्मीदवार को 9 प्रश्न-पत्र देने होते हैं। जिसमे 2 प्रश्न-पत्र केवल उत्तीर्ण करने होते हैं तो वहीं केवल 7 प्रश्न-पत्रों के अंक (1750 अंक) ही अंतिम चयन-सूची (मेरिट लिस्ट) में जोड़े जाते हैं। इसके अलावा इन 7 प्रश्न-पत्रों में से 2 एच्छिक प्रश्न-पत्र (Optional question papers) भी होते हैं। इन सभी प्रश्न-पत्रों के लिए 3-3 घंटे का समय दिया जाता है। 

विषय कुल अंक
पेपर अ: अनिवार्य भारतीय विषय 300
पेपर ब: अंग्रेजी 300
पेपर I: निबंध 250
पेपर II: सामान्य अध्ययन 1250
पेपर III: सामान्य अध्ययन 2 250
पेपर IV: सामान्य अध्ययन 3 250
पेपर V: सामान्य अध्ययन 4 250
पेपर VI: वैकल्पिक 1 250
पेपर VII: वैकल्पिक 2 250

यदि उपर्युक्त टेबल में सबसे पहले 2 प्रश्न-पत्रों ‘अ’ एवं ‘ब’ की बात करें तो यह दोनों केवल क्वालीफाइंग पेपर होते हैं जोकि 300-300 अंको के होते हैं। लेकिन यह 600 अंक अंतिम परिणाम की मेरिट लिस्ट नहीं जोड़े जाते हैं। 

प्रश्न-पत्र ‘अ’ में उम्मीदवार को 18 भारतीय भाषाओँ में से किसी एक भाषा का चयन करना होता है और उसी आधार पर उम्मीदवार को पेपर देना होता है। क्योंकि इस पेपर के अंक फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ते हैं, इसके बाबजूद भी इस पेपर में उम्मीदवार को न्यूनतम 25% अंक लाना अनिवार्य है अन्यथा उम्मीदवार इस पूरी परीक्षा से बाहर हो सकता है।

प्रश्न-पत्र ‘ब’ यह प्रश्न-पत्र अंग्रेजी भाषा में देना होता है जोकि अनिवार्य होता है क्योंकि उम्मीदवार पहले प्रश्न-पत्र (प्रश्न-पत्र ‘अ’) में विकल्प के तौर अन्य भारतीय भाषाओँ का चुनाव कर सकता है, लेकिन इस प्रश्न-पत्र को उम्मीदवार को कोई विकल्प नहीं मिलता है। और इस पेपर के अंक भी फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जुड़ते हैं, इसके बाबजूद भी इस पेपर में उम्मीदवार को न्यूनतम 25% अंक लाना अनिवार्य ही है अन्यथा उम्मीदवार इस पूरी परीक्षा से बाहर हो सकता है।

तीसरा प्रश्न-पत्र निबंध लेखन का होता है जोकि दो विकल्पों में बंटा हुआ होता है। उम्मीदवार को दोनों विकल्प में से कोई एक निबंध लिखना होता है। यह प्रश्न-पत्र 250 अंकों का होता है जोकि इसके अंक फाइनल मेरिट लिस्ट में जोड़े जाते हैं। 

चलिए आगे बढ़ते हुए चौथे, पाँचवे, छटवें और सातवें प्रश्न-पत्रों की बात करें तो यह सभी सामान्य अध्ययन (General Studies) पर आधारित होते हैं जोकि सामाजिक एवं आर्थिक जैसे मुद्दों से जुड़े होते हैं। इन चारों प्रश्न-पत्रों के 250-250 अंकों के हिसाब से कुल 1000 अंक निर्धारित होते हैं जोकि फाइनल मेरिट लिस्ट में जोड़े जाते हैं। 

इसके बाद अंत में आठवें और नवें प्रश्न पत्रों के बारे में जाने तो यह दोनों प्रश्न—पत्र उम्मीदवार को वैकल्पिक विषय (ऑप्शनल सब्जेक्ट) के रूप में देने का मौका देते हैं। जिन्हें उम्मीदवार या अभ्यार्थी अपनी रूचि (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र, समाज-शास्त्र, भूगोल, विद्युत इंजिनियरिंग, मनोविज्ञान एवं ‘लोक प्रशासन एवं किसी भाषा का साहित्य’ आदि) के अनुसार चुन सकता है। इसी कारण उम्मीदवार इन प्रश्न-पत्रों (पेपरों) में बहुत अच्छे अंक ला सकता है क्योंकि इनमे उम्मीदवार उन विषयों को चुनता हैं; जिनमे उसकी रुचि (Interest) होती है। इसके अलावा यह दोनों प्रश्न-पत्र 250-250 अंकों के साथ 500 अंकों के होते हैं जोकि फाइनल मेरिट लिस्ट में जोड़े जाते हैं। 

साक्षात्कार परीक्षा – साक्षात्कार परीक्षा (इंटरव्यू) यूपीएससी के द्वारा तीसरे और अंतिम चरण के रूप में कराई जाती है। अभ्यर्थी को इस चरण में बैठने का मौका तभी मिलता है जब वह पहले दोनों चरण में अच्छे अंको से उत्तीर्ण होकर आया हो। यह चरण 250 अंकों का होता है जोकि उम्मीदवार के लिए बहुत महत्पूर्ण होता हैं क्योंकि इसमें अंक सीधे फाइनल मेरिट लिस्ट में जोड़ दिए जाते हैं। इसके अलावा उम्मीदवार इंटरव्यू अपनी पसंद की किसी भी भाषा में दे सकता है।

तीनों चरण की परीक्षाओं के बाद मेरिट के रूप में केवल दूसरे चरण (मैन्स) और तीसरे चरण (इंटरव्यू) में उम्मीदवार द्वारा अर्जित किये गए अंक जोड़ दिए जाते है। इसके बाद यूपीएससी-उम्मीदवारों की चुनी गई सर्विसों के आधार पर पूरे भारत-भर में रैंक निर्धारित कर उसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी जाती है।

यूपीएससी की तैयारी कैसे करें – How to prepare for UPSC in hindi

जैसे कि आप जान चुके हैं कि यूपीएससी दुनिया की दूसरी सबसे कठिन परीक्षा है तो इसकी तैयारी को आप हल्के में तो बिलकुल भी नहीं ले सकते हैं। इस परीक्षा के लिए आपको तगड़ी प्रतिस्पर्धा से लड़कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ महनत से पढाई करनी पड़ती है।

बता दें कि वर्तमान समय में यूपीएससी की तैयारी करने के कई तरीके हैं। जिनमे पहला कोचिंग ज्वाइन कर सकते हैं क्योंकि देश भर में अनैकों संस्थान ऐसे हैं जहाँ आप उचित मार्गदर्शन के साथ पूरे माहौल के साथ तैयारी कर सकते हैं। दूसरा इन्टरनेट की मदद से ऑनलाइन क्लासेज और उचित सामिग्री इकठ्ठा करके घर पर स्वयं अध्ययन (Self study) का सहारा भी ले सकते हैं, लेकिन आपको द्रढ़ता से महनत करनी होगी। इसके अलावा आप न्यूज़-पेपर, समाचार आदि हर रोज पढ़कर ग्राउंड लेवल की जानकारी इकठ्ठा कर सकते हैं।  

यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद नौकरी कहाँ मिलती है

‘लोक सेवा संघ आयोग’ यानिकी यूपीएससी की परीक्षा अच्छी रैंक के साथ उत्तीर्ण करने के बाद उम्मीदवार पर निर्भर करता है कि उसने UPSC द्वारा आयोजित किस परीक्षा मे नामांकन किया था? यदि उम्मीदवार ने CSE (सिविल सर्विस एग्जाम) मे आवेदन करके उसमें अच्छी रैंक लाता है तो उसे जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और अन्य अधिकारी आदि के रूप मे सर्विस पर तैनाती के लिए ‘लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA)’ में ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है।

दोस्तों हमें खुशी है कि आपने अपना कीमती समय देकर इस आर्टिकल को यहाँ तक पढ़ा जिसमे हमने यूपीएससी (UPSC) क्या है | UPSC full form in hindi को बहुत ही सरलता से समझाने का प्रयास किया है। यदि आप यूपीएससी से जुडी किसी भी प्रकार की ऑफिसियल जानकारी लेना चाहते हैं तो आप ‘संघ लोक सेवा आयोग’ (UPSC) की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in को विजिट कर सकते हैं।  

निष्कर्ष – Conclusion

इस लेख में इतना ही जिसमे हमने यूपीएससी (UPSC) क्या है | UPSC full form in hindi के अलावा यूपीएससी की स्थापना कब हुई थी? यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाएं कौन-कौन सी होती हैं? यूपीएससी की भर्ती-प्रक्रिया कैसे की जाती है? तथा यूपीएससी में कितनी सर्विसेस होती हैं? इन सभी प्रश्नों के बारे में विस्तार से चर्चा की है। इस आर्टिकल से सम्बंधित आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएँ।

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