PF क्या होता है | PF full form in hindi

जब भी PF की बात की जाती है तो अधिकतर युवा इस विषय की पूरी जानकारी न होने के कारण हमेशा असमंझस में रहते हैं। तो इसी को देखते हुए इस पोस्ट में आप PF क्या होता है | PF full form in hindi के बारे में विस्तार से बहुत ही सरल रूप में जानेंगे जोकि भारत में रहने वाले हर एक युवा को जरूर जानना चाहिए।

इसके अलावा इस लेख के अंत में आप पीएफ (PF) से जुड़े बार-बार पूछे जाने वाले सभी प्रकार के प्रश्न भी जानेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि आप इस लेख को आखिर तक पढकर इस विषय (Pf meaning) में अपनी जानकारी की पकड़ अधिक मजबूत करेंगे।

पीएफ की फुल फॉर्म क्या है? – PF full form in hindi | EPF full form in hindi

PF की फुल फॉर्म की बात करें तो PF की फुल फॉर्म ‘प्रोविडेंट फण्ड’ (Provident fund) होती है। इसके अलावा PF को EPF के नाम से भी जाना जाता है। जिसमे EPF की फुल फॉर्म ‘एम्प्लोयी प्रोविडेंट फण्ड’ (Employee provident fund) होती है।

PF क्या होता है – Provident fund in hindi | Provident fund meaning in hindi

PF जिसे हिंदी में ‘भविष्य निधि’ (Provident Fund) कहा जाता है और इसका पूरा नाम ‘कर्मचारी भविष्य निधि’ (Employee Provident Fund) है। यह सरकार के द्वारा कर्मचारियों के लिए चलाई जाने वाली एक योजना है; जिसका कार्यभार ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन’ यानि कि EPFO (Employees Provident Fund Organization)  के द्वारा संभाला जाता है।   

इस सरकारी संगठन (EPFO) के अंतर्गत ऐसी संस्थायें, कम्पनी और फैक्ट्रीयां आदि आते हैं जहाँ 20 से अधिक कमर्चारी कार्यरत होते हैं। इसके बाद इन संस्थायों, कम्पनी आदि को EPFO में पंजीकरण करवाना अनिवार्य हो जाता है। जिसके अंतर्गत इनके यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF) जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों की तनख्वाह (सैलरी) में से कुछ हिस्सा काट लिया जाता है और यह हिस्सा कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के पश्चात या नौकरी के बीच में अन्य फायदों के साथ वापिस कर दिया जाता है। मतलब कर्मचारी सुविधानुसार नौकरी छोड़ने से पहले भी अपना प्रोविडेंट फण्ड (PF) निकाल सकता है।

बता दें कि ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन’ (EPFO) की स्थापना भारत की आजादी के कुछ वर्ष बाद ‘भारतीय-सरकार’ ने कर्मचारियों के हित को देखते हुए 1952 में की थी। EPFO भारत-सरकार के ‘श्रम और रोजगार मंत्रालय’ (Ministry of Labour and Employment) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है।

प्रोविडेंट फण्ड के क्या फायदे हैं? – Benefits of Pf in hindi | Epf benefits in hindi

यदि प्रोविडेंट फण्ड (PF) जमा करने के फायदों की बात करें तो EPFO के द्वारा कर्मचारियों को बहुत अधिक लाभ दिए जाते हैं। मतलब इस योजना (स्कीम) के तहत कर्मचारियों को बचत (सेविंग) करने का बेहतरीन मौका मिलता है। चलिए नीचे दिए हुए कुछ बिन्दुओं को पढकर आप प्रोविडेंट फण्ड के अंतर्गत मिलने वाले फायदों को आसानी से समझ सकते हैं।

बचत करने का अवसर – Opportunity to savings

प्रोविडेंट फण्ड में पंजीकरण करने के बाद कर्मचारी की सैलरी का 12 प्रतिशत जमा तो होता ही है साथ में 12 प्रतिशत कंपनी की ओर से भी जमा होता है; मतलब बिना निवेश किये कर्मचारी का पैसा दोगुना जमा होता जाता है। मतलब यहाँ कर्मचारी को बचत करने का सुनहरा अवसर मिल जाता है क्योंकि कर्मचारी को इस बचत पर सरकार को किसी भी प्रकार का कर (टैक्स) नहीं देना होता है; वल्कि सरकार के द्वारा कर्मचारी की बचत पर ब्याज (लगभग 8% की दर से) भी दिया जाता है। मतलब कर्मचारी के पास भविष्य में खर्च करने के लिए एक अच्छा-खासी पूँजी (Money) इकट्ठी हो जाती है। जिससे कि कर्मचारी आवश्यकता अनुसार जरूरत के हिसाब से सेवा-निवृति (रिटायरमेंट) होने के बाद खर्च कर सकते हैं।

मुफ्त बीमा की सुविधा – Free insurance

जब कोई कर्मचारी प्रोविडेंट फण्ड (PF) के लिए पंजीकृत होता है तो EDLI यानिकि ‘Employee Deposit Linked Insurance’ स्कीम के अंतर्गत यदि कर्मचारी की नौकरी करने के कार्यकाल में म्रत्यु हो जाती है। तो इसके बाद ‘कर्मचारी-परिवार’ के नामांकित व्यक्ति को 6 लाख रुपये की रकम इस बीमा स्कीम के तहत दी जाती है।   

पेंशन की सुविधा – Employee pension scheme

प्रोविडेंट फण्ड (PF) जमा करने के अंतर्गत कर्मचारी को EPS यानिकि Employee Pension Scheme (कमर्चारी-पेंशन स्कीम) का फायदा भी मिलता है। क्योंकि कंपनी की ओर से कर्मचारी के खाते में 12 प्रतिशत राशि जमा की जाती है; जिसमे से 3.67 प्रतिशत कर्मचारी के EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) में तो 8.33 प्रतिशत EPS (कर्मचारी-पेंशन स्कीम) में जमा की जाती है। यदि कर्मचारी 10 वर्ष या उससे पहले नौकरी छोड़ देता है तो वह प्रोविडेंट फण्ड के साथ पेंशन की रकम भी निकाल सकता है। और यदि कर्मचारी 10 वर्ष से अधिक प्रोविडेंट फण्ड को अंशदान (Contribution) कर देता है। तो वह कर्मचारी सेवा-निवृति (रिटायरमेंट) के बाद मासिक पेंशन के रूप में कुछ वेतन प्राप्त कर सकता है।    

अग्रिम ‘प्रोविडेंट फण्ड’ का फायदा – Benefit of advance PF

जैसे कि हमने उपर्युक्त बिन्दुओं में पीएफ के लाभों के बारे में पढा है। लेकिन PF का सबसे लाभकारी फायदा यह है कि कर्मचारी नौकरी करने के दौरान ऑनलाइन एडवांस PF क्लेम सबमिट करके जरूरत पड़ने पर प्रोविडेंट फण्ड के खाते से 90% तक अग्रिम (एडवांस) रकम निकाल सकता है।

‘प्रोविडेंट फण्ड’ में UAN का फायदा – Benefits of ‘Universal Account Number’

जिस भी कर्मचारी का प्रोविडेंट फण्ड के लिए पंजीकरण होता है तो उस कर्मचारी को पहचान के तौर पर UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) दिया जाता है। इस नंबर की मदद से कर्मचारी नौकरी बदलने, ऑनलाइन सुविधायों का फायदा जैसे – PF निकालना, PF ट्रांसफर करना, एडवांस PF निकासी, EPF पासबुक और बैलेंस पता करने आदि काम कर सकते हैं।

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पीएफ कैसे चेक करे? (Pf kaise check kare)

प्रोविडेंट फण्ड (PF) की राशि चेक करने की बात करें तो इसे दो तरीकों से चेक किया जाता है। जिसमे पहला तरीका ऑनलाइन है मतलब कर्मचारी EPFO की ऑफिसियल वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर जाकर अपने पीएफ खाते का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और पासवर्ड डालकर लॉग-इन करके PF की राशि पता कर सकता है। इसके अलावा कर्मचारी इस वेबसाइट से ई-पासबुक भी डाउनलोड कर सकता है।

इसके अलावा दूसरा ऑफलाइन तरीका है; जिसमे कर्मचारी अपने पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मोबाइल नम्बर से 011-22901406 पर मिस-कॉल देकर एक मेसेज प्राप्त कर सकता है। जिस मेसेज में कर्मचारी अपनी कुल प्रोविडेंट फण्ड की राशि देख सकता है।

पीएफ कितने प्रतिशत कटता है 2021

यदि बात करें कि प्रोविडेंट फण्ड (PF) कितने प्रतिशत कटता है? तो यह चर्चा हमने उपर्युक्त लेख में PFke kya fayde hai? में भी साझा की है। चलिए एक बार फिर से अधिक नए शब्द न जोड़ते हुए समझते हैं कि PF kitne percent katta hai? तो कर्मचारी की सैलरी से 12 प्रतिशत राशि pf के तौर पर काटी जाती है। जिसमे कंपनी अपनी तरफ से 12 प्रतिशत राशि और जोड़ देती है। जिसके बाद 3.67 प्रतिशत कर्मचारी के EPF (Employee Provident Fund) और 8.33 प्रतिशत EPS (Employee Pension Scheme) में जमा कर दिया जाता है। इस पूँजी पर पूरी तरह से कर्मचारी का अधिकार होता है और वह इस रकम को कभी भी निकाल सकता है।   

क्या पीएफ डबल मिलता है? (Kya pf double milta hai)

जैसे कि आपने ठीक उपर वाले प्रश्न में पढ ही लिया है कि कर्मचारी का प्रोविडेंट फण्ड 12 प्रतिशत कटता है और इतना ही कम्पनी की ओर से कर्मचारी को मिल जाता है। मतलब हम कह सकते हैं कि कर्मचारी को पीएफ डबल मिलता है।

पीएफ कितने प्रतिशत मिलता है? (Pf kitne percent milta hai)

वैसे तो आप उपर्युक्त लेख में प्रोविडेंट फण्ड कितना मिलता है? के बारे में बेसिक जानकारी (Pf meaning) पढ ही चुके हैं। लेकिन आपकी जानकारी को और ज्यादा मजबूत (स्ट्रोंग) करने के लिए एक बार फिर से बताते हैं कि आखिर किसी कर्मचारी को पीएफ कितने प्रतिशत मिलता है? (Pf kitne percent milta hai) तोबता दें कि यदि कोई कर्मचारी 10 वर्ष से पहले अपना प्रोविडेंट फण्ड निकालता है तो उसकी 12 प्रतिशत और कम्पनी की 12 प्रतिशत राशि मिलाकर वर्तमान ब्याज दर के साथ कर्मचारी को दे दी जाती है। लेकिन इसमें पेंशन की कुल राशि पर ब्याज नहीं दिया जाता है।  

इसके अलावा कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फण्ड की राशि 10 साल के बाद निकालता है तो उसके और कम्पनी के द्वारा जमा की कई राशि में कर्मचारी केवल EPF 3.67 प्रतिशत ही निकाल सकता है। और EPS 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन के रूप में रिटायरमेंट के बाद हर महीने कुछ राशि के रूप में ले सकता है।

पीएफ कैसे निकाले? (Pf kaise nikale)

कोई भी कर्मचारी प्रोविडेंट फण्ड की राशि निकालने के लिए सबसे पहले KYC और आधार-कार्ड की डिटेल्स जैसे लिंग, नाम, जन्म-दिवस आदि ‘प्रोविडेंट फण्ड के खाते’ और बैंक खाते की डिटेल्स के साथ एकदम मैच करने चाहिए। इसके बाद ‘यूनिवर्सल अकाउंट नंबर’ और उसका पासवर्ड डालकर EPFO की ऑफिसियल वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर जाकर फॉर्म-19 और फॉर्म-10C आदि भरकर क्लेम कर सकते है।   

इसके अलावा एक दूसरा तरीका UMANG मोबाइल एप है। जिसमे अकाउंट बनाकर EPFO ऑप्शन में जाकर कर्मचारी अपना ‘यूनिवर्सल अकाउंट नंबर’ और उसका पासवर्ड डालकर क्लैम कर सकते हैं। किसी भी प्लेटफार्म पर क्लेम करने से पहले कर्मचारी को अपनी सही जानकारी जैसे कि जोइनिंग डेट, एग्जिट डेट, बैंक खाता और मोबाइल लिंकिंग आदि की जाँच करना बहुत जरूरी हैं। क्लेम (आवेदन) करने के कुछ दिन बाद कर्मचारी के खाते में प्रोविडेंट फण्ड (भविष्य निधि) की राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।    

EPF क्या होता है? (Epf kya hota hai)

बता दें कि बहुत लोग PF और EPF को लेकर हमेशा असमंझस में रहते हैं। लेकिन यह दोनों शब्द एक ही टर्म (pf) के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। PF का मतलब Provident Fund (भविष्य निधि) होता है तो वहीं EPF का मतलब Employee Provident Fund (कर्मचारी भविष्य निधि) होता है।

EPF पासबुक क्या होती है? (Epf passbook in hindi)

EPF पासबुक की बात करें तो यह पासबुक ‘प्रोविडेंट फण्ड पंजीकृत कर्मचारी’ को ‘यूनिवर्सल अकाउंट नंबर’ और पासवर्ड के द्वारा EPFO की ऑफिसियल वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर लॉग-इन करके डाउनलोड कर सकते हैं। यह एक ई-पासबुक होती है; जिसमे कर्मचारी PF से जुडी सारी एंट्री आसानी से प्राप्त कर सकता है। 

निष्कर्ष – The Conclusion

यहाँ तक पढकर आप जान गये होंगे कि ‘Provident fund kya hota hai’ तो इस लेख में इतना ही जिसमे हमने PF क्या होता है | PF full form in hindi के अलावा EPFO क्या होता है? (epfo kya hota hai), epfo ki full form, pf की फुल फॉर्म क्या है?, pf kya hota hai, provident fund ke fayde, पीएफ कैसे चेक करे? (Pf kaise check kare), पीएफ कितने प्रतिशत कटता है 2021, क्या पीएफ डबल मिलता है? (Kya pf double milta hai), पीएफ कितने प्रतिशत मिलता है? (Pf kitne percent milta hai), पीएफ कैसे निकाले? (Pf kaise nikale), EPF क्या होता है? (Epf kya hota hai) और EPF पासबुक क्या होती है? (Epf passbook in hindi) को भी विस्तार से समझाया है। इस लेख से सम्बंधित आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएँ।

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