आईएमएफ (IMF) क्या है | IMF meaning in hindi

नमस्कार दोस्तों, दुनियाभर में मौजूद लगभग सभी देशों ने एक साथ मिलकर आर्थिक संकट, शांति स्थापित करने एवं अंतराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे के मुद्दों को देखते हुए कई प्रकार के संघ या संगठन का घटन किया है; जिससे कि दुनिया में मौजूद सभी देशों में शांति स्थापित एवं आर्थिक विकास किया जा सके। इन्हीं संगठन के चलते हम इस आर्टिकल के माध्यम से आईएमएफ (IMF) क्या है | IMF meaning in hindi के बारे में सरलतापूर्वक चर्चा करने जा रहे हैं।

आईएमएफ क्या है – What is IMF in hindi

आईएमएफ यानिकि इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड (अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष) 190 देशों का एक संगठन है जोकि दुनियाभर में वैश्विक मौद्रिक सहयोग में बढ़ावा, वित्तीय स्थिरता को सुरक्षित करना, अंतराष्ट्रीय व्यापार सुविधा, दुनिया भर में गरीबी ख़तम करना और उच्चतम रोजगार एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देना आदि कार्य करता है और इसकी आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है।  

यदि आसान भाषा में कहें तो आईएमएफ (IMF) भुगतान संतुलन समस्याओं का सामना कर रहे सदस्य-देशों को ऋण-सहित धन प्रदान करता है; जिससे कि उन देशों की अंतराष्ट्रीय मुद्रा भंडार में आयी कमी को संतुलित किया जा सके। इसके अलावा इन सदस्य देशों की मुद्रा में स्थिरता, आयात का भुगतान करने में सहायक और आर्थिक विकास में सहयोग करने की भूमिका निभाता है।

आईएमएफ के सभी 190 सदस्य देश इस कोष के संचालन हेतु अपने-अपने हिस्से का कोटा (Quota) देते हैं मतलब इसमें शामिल सभी देश अपने देश के विश्व-व्यापार में हिस्सेदारी, प्रति व्यक्ति आय और आर्थिक संवृद्धि के आधार पर प्रत्येक वर्ष अपना अंश-दान देते हैं; जिसमे सबसे अधिक कोटा सयुंक्त राज्य अमेरिका देता है। इस कोष (International Monitory Fund) में शामिल कोटा देने वाला सदस्य-देश अपनी वित्तीय समस्याओं के चलते इस कोष (imf) से मुद्रा उधार ले सकता है।

इसके अलावा आईएमएफ (अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष) अपने 190 सदस्य के प्रति जबाव देह है जोकि इन सभी शासित देशों द्वारा इसकी निकट-वैश्विक सदस्यता बनाते हैं।

आईएमएफ की फुल फॉर्म क्या है – Full form of IMF in hindi

आईएमएफ की फुल फॉर्म इंटरनेशनल मोनिटरी फण्ड (International Monitory Fund) है। जिसे हिंदी में अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष के नाम से जाना जाता है।

आईएमएफ की स्थापना कब हुई थी – IMF establishment in hindi

आईएमएफ (IMF) यानिकि इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड (अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की स्थापना की बात करें तो दुनिया ने वर्ष 1914 से लेकर वर्ष 1918 तक प्रथम विश्व युद्ध के कारण तमाम देशों को आर्थिक रूप तबाह हुए। इसके अलावा इन देशों ने आयात और निर्यात करने की क्षमता भी पूरी तरह से खो दी थी जोकि आर्थिक नुकसान का सबसे अहम कारण था। इसी कारण के चलते हमने वर्ष 1930 में महामंदी (Great Depression) देखी। इस महामंदी के बाद जैसे-तैसे देशों की आर्थिक-विकास पटरी पर आ रहा था कि वर्ष 1939 से लेकर वर्ष 1944 तक दूसरा विश्व युद्ध चला जोकि पूरी दुनिया को आर्थिक रूप से तबाह करके चला गया क्योंकि इस युद्ध के दौरान लगभग 5 वर्षों तक दुनियाभर के देशों का आयात-निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया था।  

इन आर्थिक संकटों को देखते हुए दुनिया के अधिकतर देशों ने अंतराष्ट्रीय-व्यापार करना बिलकुल बंद कर दिया क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि उनके देश में अन्य देशों में सामान भेजने के कारण सामान की कमी हो जाए। इन देशों के अंतराष्ट्रीय व्यापार न करने के कारण इनकी मुद्रा अवमूल्यन (Currency Devaluation) होना लगा गया लेकिन इस करेंसी डीवैल्यूएशन के बावजूद भी कोई देश अंतराष्ट्रीय व्यापार नहीं करना चाहता था।

पूरी दुनिया की इस समस्या को सुलझाने के लिए दुनियाभर में काम होने लगे जिमसे अमेरिका के हैरी डेक्स्टर वाइट (अमेरिकन चीफ ऑफ़ इंटरनेशनल इकोनॉमिस्ट) और ब्रिटेन के जॉन मेनार्ड कीन्स (ब्रिटेन इकोनॉमिस्ट) ने दुनियाभर में आयी महामंदी से निपटने के लिए एक जॉइंट प्लान बनाया और उन्होंने विचार दिया कि विश्वस्तर पर एक ऐसी बॉडी की सरंचना होनी चाहिए जोकि दुनिया में मौजूद जरूरतमंद देशों को सहायता और उनका आर्थिक विकास में सहयोग करकर उनका पुनः निर्माण कर सके।

इसके बाद वर्ष 1944 में साल 1930 की महामंदी का उदारहण लेते हुए 44 संस्थापक सदस्य देशों (प्रतिनिधिओं) ने एक साथ मिलकर वैश्विक आर्थिक सहयोग की रूपरेखा तैयार करने की मांग की। जिसके बाद सयुंक्त राज्य अमेरिका में ब्रेटनवुड्स सम्मेलन (Bretton Woods Conference) हुआ और आईएमएफ 27 दिसंबर, 1945 को पूर्ण रूप से अस्तिव में आ गई।  

वर्तमान समय में इसमें कुल 190 सदस्य देश शामिल हैं और इन 190 देशों में से 150 देशों के कर्मचारी इस कोष (International Monitory Fund) में कार्यरत हैं जोकि लगभग 2,400 कर्मचारी हैं। इस कोष के दिन-प्रति दिन का कार्यभार एवं उसकी देख-रेख के लिए 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड द्वारा की जाती है और इस 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड में 190 देशों के सदस्य समूह के आधार पर नियुक्त हुए होते हैं। उदहारण के तौर पर भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका इन चारों देशों को मिलकर एक सदस्य चुनकर इस 24 सदस्यीय बोर्ड का हिस्सा बनेगा। बता दें कि इस कोष का संगठनात्मक ढांचा शीर्ष रूप से बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स द्वारा संचालित किया जाता है जिसमे इन 24 सदस्यीय बोर्ड के प्रतिधिनत्व के अलावा इनका एक प्रमुख एवं उच्चतम प्रबंध संचालक (Managing Director) होता है। जिसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और वर्तमान में आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टेलिना गेओर्गिएवा (Kristalina Georgieva) हैं।

आईएमएफ का मुख्यालय कहाँ है – where is IMF headquarter in hindi

आईएमएफ (इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड) का मुख्यालय सयुंक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन डीसी शहर में स्थित है।

आईएमएफ के कितने सदस्य हैं – All countries of IMF in hindi

आईएमएफ (IMF) अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कुल 190 देश शामिल हैं। जिनमे सबसे नया देश अंडोरा इसका सदस्य बना जोकि 16 अक्टूबर, 2020 को इसमें शामिल होकर आईएमएफ का 190 वां देश बन गया है।

आईएमएफ (IMF) के उद्देश्य – Purpose of IMF in hindi

आईएमएफ यानिकि इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड (अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष) के प्रमुख उद्देश्यों को कुछ बिन्दुओं द्वारा समझते हैं –

  • आईएमएफ (IMF) का प्राथमिक उद्देश्य अन्तराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करना मतलब अचानक कीमतों का बढ़ना एवं घटने को सुनाश्चित करना है जोकि कई बार देशों या फिर उनके नागरिकों द्वारा जान भूझ कर घटायी या बढ़ायी जाती हैं।
  • आईएमएफ अंतराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को प्रात्साहित कर विनियम दरों की स्थिरता को सुनाश्चित करता है ताकि अंतराष्ट्रीय व्यापार का संतुलित विकास हो सके।
  • आईएमएफ का उद्देश्य मुख्य रूप से आर्थिक मुद्दों का सुचारू रूप से समाधान करना, रोजगार पैदा करना और गरीबी को कम करना है।
  • इसके अलावा यदि किसी सदस्य देश के पास विदेशी मुद्रा भंडार की कमी आ जाती है तो उसे उचित ब्याज पर ऋण प्रदान किया जाता है। जिसमे गरीब देशों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। इसके अलावा आईएमएफ वर्तमान समय में एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का कर्ज देने में सक्षम है।

आईएमएफ (IMF) के कार्य – Work of IMF in hindi

आईएमएफ यानिकि इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड (अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष) के अहम एवं प्रमुख कार्यों को कुछ बिन्दुओं द्वारा समझते हैं –

  • अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष का सबसे अहम कार्य ग्लोबलाइजेशन यानिकि सदस्य देशों की आर्थिक विकास दर को स्थिर और इनमें सुधार करने का काम करती है।
  • आईएमएफ सदस्य देशों की आर्थिक वित्तीय-नीतियों एवं अंतराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की देख-रेख मतलब अंतराष्ट्रीय भुगतानों पर नजर बनाए रखता है।
  • आईएमएफ जरूरतमंद सदस्य देशों की भुगतान देय समस्याओं के लिए ऋण प्रदान करती है ताकि उस सदस्य देश का अंतराष्ट्रीय रिजर्व दोबारा से तैयार हो सके; जिसके बाद वह अपनी मुद्रा में स्थिरता लाकर निर्यात का भुगतान कर सकने में सक्षम हो सके।
  • आईएमएफ तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण के माध्यम से सदस्य देशों की क्षमताओं का विकास में सहयोग करता है ताकि वह सदस्य देश आर्थिक नीतियों को सुचारू रूप से दिशा दे सके। जिसमे यह कोष केन्द्रीय बैंकों,  राजस्व प्रशासन, वित्त मंत्रालयों और वित्तीय क्षेत्र पर्यवेक्षी एजेंसियों सहित सरकारों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  • आईएमएफ अपने सदस्य देशों की आर्थिक स्थिरता के लिए संभावित जोखिमों की पहचान करता है। आर्थिक और वित्तीय नीतियों की नियमित जांच कर संभावित नीति समायोजन पर सदस्य देशों की सरकारों को सलाह देता है।

FAQs – अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. आईएमएफ की स्थापना किसने की?

Ans. आईएमएफ की स्थापना वर्ष 1944 में 44 संस्थापक देशों के रूप में हुई थी।  

Q. आईएमएफ का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

Ans. आईएमएफ का मुख्यालय वाशिंगटन डीसी (सयुंक्त राज्य अमेरिका) में स्थित है।  

Q. आई एम एफ का पूरा नाम क्या है?

Ans. आई एम एफ का पूरा नाम इंटरनेशनल मोनीटरी फण्ड यानिकि अन्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष है।  

Q. आईएमएफ का अध्यक्ष कौन है?

Ans. वर्तमान समय में आईएमएफ के सबसे उच्चतम पद की मनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टेलिना गेओर्गिएवा (Kristalina Georgieva) है।

Q. अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कितने सदस्य हैं?

Ans. अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कुल 190 सदस्य देश शामिल हैं।

Q. आईएमएफ का 190वां देश कौन सा है?

Ans. आईएमएफ का 190वां देश अंडोरा है जोकि 16 अक्टूबर, 2020 को इसका हिस्सा बना था।

Q. क्या भारत आईएमएफ का सदस्य है?

Ans. भारत आईएमएफ की स्थापना के समय से ही सदस्य देश है।

Q. आईएमएफ कौन कौन सी रिपोर्ट जारी करता है?

Ans. आईएमएफ वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Global Financial Stability Report) और विश्व आर्थिक द्रष्टिकोण (World Economic Outlook) रिपोर्ट जारी करता है।

निष्कर्ष – The Conclusion

इस लेख को विस्तारपूर्वक यहाँ तक पढने के बाद आपने अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monitory Fund in hindi) के बारे में जाना है। जिसमे हमने आईएमएफ (IMF) क्या है | IMF meaning in hindi और इसके अलावा आईएमएफ क्या है? (IMF kya hai), आईएमएफ की फुल फॉर्म क्या है? (IMF ki full form kya hai), आईएमएफ की स्थापना कब हुई थी? (IMF ki sthapna kab hui), आईएमएफ का मुख्यालय कहाँ है? (IMF ka mukhyalay kahan hai), आईएमएफ के कितने सदस्य हैं? (IMF ke kitne sadasy hai), आईएमएफ के उद्देश्य क्या हैं? (IMF ke uddeshy kya hai), आईएमएफ के कार्य क्या हैं? (IMF ke kary kya hai), आईएमएफ क्या करता है? (IMF kya karta hai), आईएमएफ की स्थापना क्यों हुई (IMF ki sthapana kyon hui), आईएमएफ में भारत (IMF me bharat) और IMF meaning in hindi को भी समझाया है।

इस लेख आईएमएफ (IMF) क्या है | IMF meaning in hindi को यहाँ तक पूरा पढने के बाद यदि आपका किसी प्रकार का सवाल या सुझाव हो तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएँ।

इसके अलावा इस लेख (आईएमएफ (IMF) क्या है | IMF meaning in hindi) में दी गई जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी हो और कुछ नया सीखने को मिला हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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