ओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi

दोस्तों आपको पता है किओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi अगर नहीं पता तो आप बिलकुल सही जगह पर हो क्योंकि इस आर्टिकल में आपको ओलंपिक खेलों और इसके इतिहास से जुडी पूरी जानकारी बहुत ही आसान रूप में मिलने वाली है।

दोस्तों आपने यह गाना तो जरूर सुना होगा – ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा।‘ ठीक इसी प्रकार दुनिया का प्रत्येक देश जो चाहता है कि उस देश का खिलाडी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिता ओलंपिक में हिस्सा ले और प्रथम आकर स्वर्ण पदक (Gold medel) जीते। जिससे कि उस देश का नाम पूरी दुनिया में एक चर्चा का विषय बने।

बता दें कि ओलंपिक-प्रतिस्पर्धा दुनिया के कोने-कोने में खेलने वाले खिलाडियों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार है। जिसमे हिस्सा (Participate) लेने के लिए और अपने देश के लिए स्वर्ण पदक (गोल्ड मैडल)जीतने के लिए खिलाडी सालों से लगातार कड़ी मेहनत करते हैं।

तो दोस्तों ओलंपिक (Olympic) के महत्व को देखते हुए; इस लेख में आप ओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi, ओलंपिक का रोचक इतिहास (Olympic ka itihas) और ओलंपिक खेलों से जुड़े लगभग सभी प्रकार के तथ्यों (प्रश्नों) पर नजर डालेंगे।

अनुक्रम

ओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi

ओलंपिक खेल (Olympic games) दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है। इस अंतराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में लगभग हर देश वैश्विक रूप से अपनी हिस्सेदारी पेश करता है। ओलंपिक के आयोजन में हजारों खिलाडी अनैकों प्रकार की प्रतियोगितायों (खेलों) में भाग लेते हैं।

इन खेलों का आयोजन सीजन (मौसम) के आधार पर मुख्यतः 2 प्रारूप ग्रीष्मकालीन (गर्मियाँ) और शीतकालीन (शर्दियों) में 2-2 वर्ष के अंतराल में किया जाता है। लेकिन ग्रीष्मकालीन (Summer) प्रारूप को ही अधिक मान्यता दी जाती है जोकि हर 4 साल में एक बार आयोजित होता है। बता दें कि ओलंपिक खेलों की यह प्रतियोगिता दुनिया को एकजुट करने और विश्व-शांति स्थापित करने का कार्य करती है।   

ओलंपिक की यह प्रतियोगितायें ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन प्रारूपों के अलावा यूथ ओलंपिक (जिसमे 14 से 18 साल के युवा भाग लेते हैं।) और पैरालंपिक (जिसमे दिव्यांग-जन या विकलांग-जन प्रतियोगी भाग लेते हैं।) के प्रारूपों में भी खेली जाती हैं। 

ओलंपिक खेलों का संचालन किसके द्वारा किया जाता है?

दुनिया की अंतरराष्ट्रीय बहु-प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ओलंपिक का आयोजन “अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (International Olympic Committee)” के द्वारा किया जाता है। जिसमे यह समिति इन खेलों से जुड़े सभी प्रकार के फैसले लेती है; मतलब नियम बनाना, किस खेल को ओलंपिक की सूची में रखना है या निकालना है और आयोजन कहाँ कराना है? आदि फैसले यह समिति लेती है। इस समिति (IOC) की स्थापना 23 जून, 1894 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थी; लेकिन इसका मुख्यालय लौसेन (Lausanne), स्विट्ज़रलैंड में स्थित है।

बता दें कि अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में वर्तमान (2021) में कुल सदस्यों की संख्या 103 हैं; जिसमे IOC के मौजूदा अध्यक्ष थॉमस बास (Thomas BACH) हैं।      

ओलंपिक खेलों का पूरा इतिहास | Olympic games history in hindi

प्राचीन ओलंपिक खेलों का इतिहास – ancient Olympic games history in hindi

यदि ओलंपिक खेलों के प्राचीन इतिहास (Ancient history) की बात करें तो ओलंपिक खेलों का इतिहास लगभग 2800 वर्ष पुराना बताया जाता है। इतिहासकारों के अनुसार पहली बार इन खेलों का आयोजन 776 BC में यूनान (ग्रीस) के देवता ज्यूस (जीसस) के सम्मान में किया गया था। माना जाता है कि उस समय इन खेलों के आयोजन में केवल पुरुष ही भाग लेते थे और पुरुष ही दर्शकों के रूप में इन खेलों का आनंद लेते थे।   

इसके बाद 394 AD आते-आते रोम (इटली) के सम्राट थियोडीसियस ने इन खेलों को मूर्ती पूजा का उत्सव बताकर इन पर प्रतिबन्ध लगाने की घोषणा कर दी। इसके बाद यह खेल छोटे-मोटे बर्गों के बीच अलग-अलग प्रकार की प्रतिस्पर्धाओं के रूप में होते रहे; लेकिन इन खेलों के आयोजनों पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा रहा।  

आधुनिक ओलंपिक खेलों का इतिहास – Modern Olympic games history in hindi

आधुनिक ओलंपिक खेलों (Modern olympic games) के इतिहास के बारे में बात करें तो इसका श्रेय “बैरोन पियरे डीकोबरटिन (Baron Pierre de Coubertin)” को दिया जाता है। इन्होने ही आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत की थी। पियरे डी कोबरटिन ने 1894 में यूनान (ग्रीस) के ओलंपिया-स्टेडियम(Olympia stadium) में दुनिया भर के खिलाडियों को बुलाकर आपस में खेलों का आयोजन करवाने का प्रस्ताव रखा और यह प्रस्ताव सफ़ल रहा। 

इसके बाद सबसे पहले 1896 में यूनान (ग्रीस) की राजधानी एथेंस के ओलंपिया स्टेडियम में इन खेलों का आयोजन किया गया और जिनका नाम ओलंपिक खेल (Olympic games) रखा गया था।  

इसके 4 साल बाद वर्ष 1900 में दुबारा से ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया जोकि फ्रांस की राजधानी पेरिस में किया गया था। और इस बार ओलंपिक के दूसरे चरण में महिलाओं (Women in Olympic) ने भी भाग लेना शुरू कर दिया था।  

इसी प्रकार 4 साल के अंतराल से आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन होता रहा; जिसमे 1904 में तीसरा चरण सेंट लुइस (ST. LOUIS) में तथा 1908 में चौथा चरण लन्दन (LONDON) में संपन्न हुआ था।

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेल – Summer olympic games in hindi

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (Summer olympic) खेलों की बात करें तो इन खेलों का आयोजन गर्मियों में किया जाता है। इसके अलावा सबसे पहले आधुनिक ओलंपिक प्रारूप के तौर पर इन्ही खेलों शुरुआत हुई थी। इनकी शुरुआत 1896 एथेंस, यूनान (ग्रीस) में की गई थी जोकि आज तक 4 बर्ष के अंतराल के तौर पर ‘अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति’ के द्वारा दुनिया भर में आयोजित किये जाते है।

सभी ग्रीष्मकालीन ओलंपिक आयोजनों की सूची – All Summer Olympic Contest list  

क्र. सं.वर्ष आयोजन स्थल देश
1 1896 एथेंस यूनान (ग्रीस)
2 1900 पेरिस फ्रांस
3 1904 सेंट लुइस यूनाइटेड स्टेट्स
4 1908 लंदन ग्रेट ब्रिटेन
5 1912 स्टॉकहोम स्वीडन
6 1920 एंटवर्प बेल्जियम
7 1924 पेरिस फ्रांस
8 1928 एम्सटर्डम नीदरलैंड्स
9 1932 लॉस एंजेल्स यूनाइटेड स्टेट्स
10 1936 बर्लिन ज़र्मनी
11 1948 लंदन ग्रेट ब्रिटेन
12 1952 हेल्सिंकी फिनलैंड
13 1956 मेलबोर्न ऑस्ट्रेलिया
14 1960 रोम इटली
15 1964 टोक्यो जापान
16 1968 मैक्सिको सिटी मैक्सिको
17 1972 म्युनिक ज़र्मनी
18 1976 मोनट्रियल कनाडा
19 1980 मास्को रूस
20 1984 लोस एंजेल्स यूनाइटेड स्टेट्स
21 1988 सियोल दक्षिण कोरिया
22 1992 बार्सिलोना स्पेन
23 1996 अटलांटा जोर्जिया
24 2000 सिडनी ऑस्ट्रेलिया
25 2004 एथेंस ग्रीस
26 2008 बीजिंग चाइना
27 2012 लंदन ग्रेट ब्रिटेन
28 2016 रियो डी जेनेरियो ब्राज़ील
29 2021 टोक्यो जापान (आगामी प्रतियोगिता)
30 2024 पेरिस फ्रांस (आगामी प्रतियोगिता )

शीतकालीन ओलंपिक खेल – Winter olympic games in hindi

शीतकालीन ओलंपिक (Winter olympic) खेलों की बात करें तो इन खेलों का आयोजन शर्दियों में किया जाता है। इसके अलावा शीतकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन सबसे पहले ‘अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति’ के द्वारा 1924 पेरिस (फ्रांस) में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के साथ किया गया था।    

इसके बाद लगातार 1992 तक शीतकालीन (Winter) ओलंपिक का आयोजन ग्रीष्मकालीन (Summer) ओलंपिक के साथ ही होता रहा, लेकिन 1992 में ही ‘अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति’ (IOC) को लगा कि एक साथ इन दोनों प्रारूपों (Formats) का आयोजन कराना बहुत मुश्किल हो रहा है क्योंकि इन दोनों के आयोजन-स्थल अलग-अलग होते है।

इसी कारण 1992 के 2 साल बाद 1994 में शीतकालीन ओलंपिक (विंटर ओलंपिक) का आयोजन ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (समर ओलंपिक) से अलग होने लग गया।  

जिसमे 1994 लिलीहामर (LILLEHAMMER) में शीतकालीन ओलंपिक अलग आयोजित कराये गए। इसके बाद 1998 में शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन नागानो (NAGANO) और फिर 2002 को साल्ट लेक सिटी (SALT LAKE CITY) में किया गया था।  

बता दें कि शीतकालीन (शर्दी) ओलंपिक में बर्फ से जुड़े खेल ही खेले जाते हैं।

सभी शीतकालीन ओलंपिक खेलों की सूची – All Winter Olympic Contest list

क्र. सं.वर्ष आयोजन स्थल देश
1 1924 शैमोनिक्स फ्रांस
2 1928 सेंट मोरिट्ज स्विट्ज़रलैंड
3 1932 लेक प्लेसिड यूनाइटेड स्टेट्स
4 1936 गार्मिस्क-पार्टेनकिचेन ज़र्मनी
5 1948 सेंट मोरिट्ज स्विट्ज़रलैंड
6 1952 ओस्लो नॉर्वे
7 1956 कोर्टिना डी’ अम्पेजो इटली
8 1960 स्कोव वैली यूनाइटेड स्टेट्स
9 1964 इन्न्सब्रुक्क ऑस्ट्रिया
10 1968 ग्रेनोबल फ्रांस
11 1972 साप्पोरो जापान
12 1976 इन्न्सब्रुक्क ऑस्ट्रिया
13 1980 लेक प्लेसिड यूनाइटेड स्टेट्स
14 1984 सारायेवो बोसनिया एंड हर्जेगोविना
15 1988 गेलगरी कनाडा
16 1992 अल्बर्टविले फ्रांस
17 1994 लिलीहामर नोर्वे
18 1998 नागानो जापान
19 2002 साल्ट लेक सिटी उताह
20 2006 तुरीन इटली
21 2010 वैंकवर कनाडा
22 2014 सोची रूस
23 2018 प्योंगचांग दक्षिण कोरिया

भारत का ओलंपिक खेलों में इतिहास – Indian Olympic history in hindi

भारत के ओलंपिक खेलों के इतिहास की बात करें तो भारत ने सबसे पहले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दूसरे ही चरण में वर्ष 1900 पेरिस (फ्रांस) ओलंपिक में हिस्सा लिया था। जिसमे कोलकाता के ब्रिटिश-भारतीय खिलाडी नॉर्मन गिलबर्ट प्रिटचार्ड (Norman Gilbert Pritchard) ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 200 मीटर और 200 मीटर बाधा दौड़ में 2 रजत पदक (Silver medal) जीते थे।

इसके बाद भारत ने 20 वर्षों तक ओलंपिक की किसी भी प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन साल 1920 एंटवर्प (ANTWERP), बेल्जियम ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत ने दुबारा से हिस्सा लिया लेकिन इस बार उसे बिना पदक के ही संतोष करना पड़ा।

बता दें कि भारत इस संस्करण से लगातार ओलंपिक की सभी प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेता आ रहा है। 

भारत ने ओलंपिक के इतिहास में आज तक कुल 28 पदक जीते हैं। जिसमे भारत को 9 स्वर्ण पदक (8 स्वर्ण पदक होकी में और 1 स्वर्ण पदक निशानेबाजी मे), 7 रजत पदक और 12 कांस्य पदक मिले हैं। 

बता दें कि भारत की हॉकी टीम ओलंपिक के इतिहास में आज तक की सबसे सफ़ल टीम है। जिसका रिकॉर्ड तोडना लगभग पूरी दुनिया के लिए असंभव है। भारत ने हॉकी में लगातार 6 स्वर्ण पदकों (1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964, 1980) के साथ कुल 8 स्वर्ण पदक, 1 रजत पदक और 2 कांस्य पदक जीते हैं।

भारत का शीतकालीन ओलंपिक में इतिहास

भारत शीतकालीन ओलंपिक (Winter Olympic) में न के बराबर हिस्सा लेता है। ओलंपिक के इस प्रारूप में भारत की ओर से 36 साल के शिवा केशवन (Shiva Keshavan) का नाम हर बार आता है। शिवा केशवन अब तक कुल 6 बार शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा ले चुके हैं जोकि लुग (Luge) खेल में भाग लेते हैं। बता दें कि इस खेल में तख्ती पर बैठकर बर्फीली ढलानों से बहुत तेजी से नीचे फ़िसलना होता है।  

इसके अलावा शिवा केशवन एशिया में स्वर्ण पदक विजेता (Gold medalist) और अर्जुन पुरुष्कार विजेता हैं। लेकिन केशवन आज तक शीतकालीन ओलंपिक में कोई भी पदक नहीं जीत पाए है।  

भारत की ओर से शीतकालीन ओलंपिक में दूसरा नाम भारतीय आर्मी के जगदीश सिंह (Jagdish Singh) का नाम है। जिन्होंने 2018 प्योंगचांग(PYEONGCHANG) ओलंपिक में 15 किलोमीटर की फ्रीस्टाइल क्रॉस-कंट्री स्कीइंग (Freestyle cross-country skiing) में हिस्सा लिया था।  

ओलंपिक के झंडे का इतिहास – Olympic flag history in hindi

अतंराष्ट्रीय ओलंपिक खेलों की इस महा प्रतियोगिता के झंडे (ध्वज) की बात करें तो इस झंडे की चौड़ाई-लम्बाई का अनुपात 2:3 है। इस झंडे की प्रस्थभूमि (Background) सफ़ेद रंग की है तो इसमें 5 रंग के 5 छल्ले आपस में जुड़े हुए हैं। जिसका निर्माण 1913 में पियरे डी कोबरटिन के द्वारा किया गया था और इस झंडे को 1914 में सार्वजनिक किया गया। लेकिन इस झंडे को सबसे पहले 1920 एंटवर्प, बेल्जियम ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में फ़हराया गया था।   

ओलंपिक खेलों का चिन्ह क्या है? – What is the meaning of Olympics rings in hindi

यदि ओलंपिक खेलों के चिन्ह की बात करें तो यह आपस में जुड़े 5 रंग के छल्ले हैं जोकि हम इन छल्लों को ओलंपिक के ध्वज में भी देख सकते हैं। आपस में जुड़े यह 5 छल्ले दुनिया के 5 प्रमुख महाद्वीपों (Continents) को दर्शाते हैं। 

जिसमे नीले रंग का छल्ला यूरोप, काले रंग का छल्ला अफ्रीका, लाल रंग का छल्ला अमेरिका (उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका), पीले रंग का छल्ला एशिया और हरे रंग का छल्ला ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप को दर्शाता है। इसके अलावा इन 5 छल्लों में यह 5 रंग इसलिए चुने गए क्योंकि इन 5 रंगों में कम से कम एक रंग दुनिया में हर देश के ध्वज (झंडे) पर मौजूद है। 

ओलंपिक मैं कितने खेल होते हैं? – All Olympic games

2016 रियो डी जेनेरियो (ब्राज़ील) में आयोजित समर ओलंपिक मे कुल खेलों (Sports) की संख्या 28 थी। लेकिन आगामी 2021 टोक्यो (जापान) समर ओलंपिक के लिए 5 नए खेलों (बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग, खेल चढाई/स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, कराटे) को और शामिल किया गया है। जिसके बाद आगामी 2021 टोक्यो ओलंपिक में कुल खेलों (Sports) की संख्या 33 हो चुकी है।   

चलिए ओलंपिक खेलों के सभी प्रारूपों (Formats) के कुछ प्रमुख खेलों (स्पोर्ट्स) पर एक नजर डालते हैं। –

  • एथलेटिक्स
  • आर्चरी
  • रेसलिंग
  • वेटलिफ्टिंग
  • शूटिंग
  • स्विमिंग
  • एक्रोबेटिक जीमनास्टिक्स
  • आर्टिस्टिक जीमनास्टिक्स
  • हॉकी
  • साइकिलिंग ट्रैक
  • वाटर पोलो
  • बॉक्सिंग
  • बैडमिंटन
  • बास्केटबॉल
  • फुटबॉल
  • डाइविंग
  • कैनु
  • सर्फिंग
  • बास्केटबॉल
  • टेनिस
  • आइस हॉकी
  • क्रॉस कंट्री स्कीइंग
  • फिगर स्केटिंग
  • लुग
  • फ्रीस्टाइल स्कीइंग
  • शोर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग
  • बॉबस्ले
  • बायथलॉन
  • स्पीड स्केटिंग
  • अल्पाइन स्कीइंग
  • कर्लिंग
  • पैरालंपिक

इसे भी जाने: दुनिया के सबसे मशहूर खेल फुटबॉल का पूरा इतिहास?

ओलंपिक खेलों के बारे में कुछ रोचक तथ्य – Interesting facts about Olympic in hindi

  • ओलंपिक खेलों का आयोजन दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन होता है; जिसमे दुनिया के हर खिलाड़ी का पदक (मैडल) जीतना सपने का सच होना जैसा होता है।  
  • ओलंपिक (ग्रीष्मकालीन ओलंपिक) की इस प्रतियोगिता का 1916 में प्रथम विश्व युद्ध के कारण आयोजन नहीं किया गया था।
  • इसी प्रकार ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक की चार आयोजनों को 1940 और 1944 में द्वतीय विश्व युद्ध के कारण रद्द कर दिया गया था।
  • ओलंपिक दुनिया को आपस में जोड़ने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • यूनाइटेड स्टेस ऑफ़ अमेरिका के तैराक मइकल फेल्प्स ने ओलंपिक में सर्वाधिक पदक (28) जीते हैं जिनमे 23 स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

FAQs: बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न

ओलंपिक खेल का सवर्प्रथम आयोजन कहाँ हुआ था?

विश्व की बहु-अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता ओलंपिक का सर्वप्रथम आयोजन यूनान (ग्रीस) की राजधानी एथेंस (Athens) के ओलंपिया स्टेडियम में वर्ष 1896 में संपन्न हुए थे। जिसका उद्देश्य विश्व को एकजुट करना था। 

ओलंपिक खेल कितने वर्ष बाद आयोजित होते हैं?

ओलंपिक खेलों का आयोजन 2 वर्ष के बाद किया जाता है जोकि सीजन (मौसम) के आधार पर किया जाता है। लेकिन इसमें ग्रीष्मकालीनओलंपिक (Summer Olympic) का अधिक महत्व है दिया जाता है। जिसमे अधिक संख्या में खेल और देश हिस्सा लेते है जोकि 4 साल में एक बार आयोजित होते हैं। इसके अलावा शीतकालीन ओलंपिक (Winter Olympic) जो यह भी 4 साल में आयोजित होता है। इसके अलावा यूथ ओलंपिक (Youth Olympic) और पैरालंपिक ओलंपिक (Paralympics Olympic) प्रारूपों का आयोजन भी किया जाता है।

ओलंपिक खेलों में कितने प्रकार के पदक होते हैं?

ओलंपिक खेलों (Olympic games) में पदक की बात करें तो इसमें कुल 3 प्रकार के पदक दिए जाते हैं। जिसमे प्रथम आये खिलाडी को स्वर्ण-पदक (Gold medal), द्वतीय आये खिलाडी को रजत-पदक (Silver medal) और तृतीय स्थान पर आये खिलाडी को कांस्य-पदक (Bronze medal) प्रदान किया जाता है।   

ओलंपिक मसाल दौड़ क्या होती है?

ओलंपिक में मसाल जलाने की प्रथा की शुरुआत 1928 एम्सटर्डम (नीदरलैंद्स) से की गयी थी। मतलब इन खेलों का आयोजन जिस भी देश में होता है उसी देश में मसाल को दौड़कर घुमाया जाता है। और आखिर में यह मसाल रिले ओपनिंग सेरेमनी वाले स्थान पर पहुंचायी जाती है; जिसे उस देश की मुख्य हस्ती स्टेडियम में प्रज्वलित करती है। बता दें कि मसाल दौड़ की शुरुआत मिश्र (Egypt) की प्रोमेथस देवी (Prometheus Devi) की आस्था के कारण हुई थी।

ओलंपिक खेलों में सुभंकर का क्या होता है? – What is mean of Olympic Mascot

सुभंकर (Mascot) का चयन मेजबान देश करता है जोकि इन खेलों की थीम (Theme) को प्रदर्शित करता है। सुभंकर का मतलब एक प्रकार का स्वरुप (करैक्टर) होता है; जैसे कि 2016 RIO DE JANEIRO, ब्राज़ील के ओलंपिक में सुभंकर का नाम विनिसिअस (Vinicius) था जोकि ब्राज़ील के महान संगीतकार विनिसिअस दी मोरेस (Vinicius de Moraes) के प्रति सम्मान का सूचक था।

यदि सुभंकर (Mascot) की शुरुआत की बात करें तो इसे सबसे पहले 1968 मैक्सिको सिटी ओलंपिक में इस्तेमाल किया गया था। जिसके बाद ओलंपिक के प्रत्येक आयोजन में एक या उससे अधिक सुभंकर (Mascot) जरूर होते हैं।

ओलंपिक खेलों का उद्देश्य वाक्य क्या है? – What is moto of Olympic games

ओलंपिक खेलों के उद्देश्य (Moto) की बात करें तो इस वाक्य के शब्द दुनिया में खेलने वाले हर खिलाडी को साहसी, बलवान और सबसे तेज बनने की ओर अग्रसर करते हैं।  

जिसमे ओलंपिक मोटो (Moto) के तीन शब्द इस प्रकार हैं। –  

सीतीयस (Citius) – तेज (Faster)
फोर्टियस (Fortius) – बलवान और साहसी (Stronger)
अल्टीयस (Altius) – सबसे ऊंचा (Higher)  

निष्कर्ष: The Conclusion

इस लेख के माध्यम से हमने हमने ओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi और इन खेलों से जुड़े लगभग सभी प्रकार के जरूरी तथ्यों (प्रश्नों) की पूर्ण रूप से चर्चा की है। बता दें कि इस लेख को लिखने की लिए हमने बहुत ज्यादा रिसर्च की है। तो हम पूरी उम्मीद करते हैं कि आपने यहाँ तक इस लेख को पढ लिया है तो आपको अन्य किसी वेबसाइट पर जाकर ओलंपिक के बारे में खोजने की आवश्यकता नहीं है।   

तो इस लेख में इतना ही जिसमे हमने ओलंपिक खेल क्या होते हैं | Olympic games in hindi के अलावा Olympic khelon ka pura itihas, Ancient Olympic games in hindi, Modern Olympics games in hindi, summer Olympics games history in hindi, Winter Olympics games history in hindi, Indian Olympics games history in hindi, Olympics flag history in hindi और Olympics games meaning in hindi, Interesting facts about Olympic in hindi को भी कम और सरल शब्दों में बताया है। यदि इस लेख से सम्बंधित आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएँ।

This Post Has 3 Comments

  1. Adarsh

    Thnku so much sir this artical is very helpful for us

  2. Sumit kumar

    Maja ya gya sir

  3. Dr.K.B.Trivedi

    Thanks very good article

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