भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi

नमस्कार दोस्तों, क्या आप भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi के बारे में जानते हैं? बता दें कि क्रिकेट के प्रति भारत में बहुत अधिक दीवानगी देखने को मिलती है। क्रिकेट खेल को जेंटल-मेन खेल भी कहा जाता है जोकि फुटबॉल खेल के बाद दूसरा सबसे ज्यादा देखा और खेला जाने वाला खेल है।

यदि भारत देश की बात करें तो इस देश में यह खेल लगभग हर बच्चे का बचपन में खेले जाने वाला खेल और बड़ों के द्वारा टेलीविजन पर बड़े चाव से देखा जाने वाला खेल हैं।  

क्रिकेट के इस महान खेल की महत्वता को समझते हुए आप इस लेख के अंत तक भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi को पढकर क्रिकेट (Cricket in hindi) से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में जरूर जानेंगे।

क्रिकेट की दुनिया में राज करने वाले वर्तमान देशों की बात करें तो इसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफ़गानिस्तान आदि देश शामिल हैं।

पूरी दुनिया में क्रिकेट पर नियंत्रण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के द्वारा किया जाता है। जिसका कार्यालय दुबई (यूनाइटेड अरब अमीरात) में स्थित है।

बता दें कि क्रिकेट को ख़ास उसका खुला हुआ मैदानी आकार बनाता है। हर मैदान में पिच की लम्बाई तो 22 ग़ज होती है लेकिन मैदान का आकार फुटबॉल, होकी जैसे खेलों की तरह एक दम नपा-तुला नहीं होता है। मतलब हम अलग-अलग देशों में क्रिकेट के अलग-अलग आक़ार के मैदानों को देखते हैं।

क्रिकेट का इतिहास – Cricket history in hindi

यदि क्रिकेट खेल के इतिहास (Cricket history hindi) की बात करें तो क्रिकेट का जन्म आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व दक्षिण पूर्व इंग्लैंड में हुआ था। मतलब इस खेल का जनक ग्रेट ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) को माना जाता है। क्रिकेट की स्थापना का सटीक समय बता पाना जरा मुश्किल हैं क्योंकि क्रिकेट के प्रति इतिहासकरों के अलग-अलग मत हैं। –  

कई इतिहासकार कहते हैं कि क्रिकेट की शुरुआत ‘रोमन साम्राज्य’ के समाप्त हो जाने के बाद ग्रेट ब्रिटेन के किंग एडवर्ड द्वतीय ने अपने समय क्रिकेट खेला था। लेकिन इतिहासकारों के द्वारा इस तथ्य का कोई ठोस-सबूत पैस नहीं होता है।

बता दें कि क्रिकेट सबसे पहले कई नियम के साथ डंडे और गेंद से खेला जाता था। जिसमे गेंद को ऊन और धागों से बनाकर या पत्थरों के गोल टुकड़ों पर धागा बांधकर डंडे से मारा जाता था। कहते तो यह भी हैं कि यह खेल जंगलों में पशुओं के चराने वाले चारगाहे खेलते थे।   

इतिहास के पन्नो में लिखे अनुसार इस खेल के शुरुआत की पेशकश कुछ इस प्रकार से भी की जाती है।

बताते हैं कि 16वीं शताब्दी में एक घटना के अनुसार 1598 में एक जमीनी लड़ाई का मुक़दमा दर्ज किया गया था। उस ज़मीन के मालिकों ने यह दावा किया कि हम आज से लगभग 50 वर्ष पहले 1550 में अपना स्कूल ख़तम करने के बाद हम इस ज़मीन पर क्रिकेट खेलते थे। इस दावे से तो यही लगता है कि क्रिकेट का जन्म शायद 1550 से भी पहले ही हो चुका था।

इसके बाद माना जाने लगा कि सबसे पहले क्रिकेट बच्चे ही खेलते थे और इसके कोई नियम और कानून नहीं थे। लेकिन 17वीं शताब्दी में यह खेल बड़े बच्चे और लोगों के बीच प्रचलित हो चला था।

क्रिकेट खेल बड़े लोगों के बीच कैसे आया?

इसके बारे में भी इतिहासकार बताते हैं। –

वर्ष 1611 के दौरान दो बड़े बच्चे चर्च के मैदान में क्रिकेट खेलने लग गए थे। क्योंकि चर्च के पास उस मैदान में खेलना शख्त मना था और इसी कारण के चलते उन दोनों बड़े लड़कों को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा कायम कर दिया गया था। इस घटना के बाद क्रिकेट की पहली बार वयस्कों के प्रति रुचि देखने को मिली और उन्होंने यह खेल खेलना शुरू कर दिया था।

इग्लैंड में बेट (BAT) और बॉल का यह खेल 17वीं शताब्दी तक काफी प्रचलित हो चला था। बता दें कि बेट अंग्रेजी का एक पुराना शब्द है जिसका मतलब ‘लकड़ी का डंडा’ होता है।

बता दें कि 18वीं शताब्दी के मध्य तक बेट (बल्ले) की बनावट होकी स्टिक की तरह मुड़ी हुई जैसी हुआ करती थी। इसका सीधा-सा कारण यह था कि उस समय तक क्रिकेट में गेंद को लुड़काकर अंडरआर्म के द्वारा फैंका जाता था। बल्ले का निचला घुमावदार सिरा बल्लेबाज को गेंद से सटीक संपर्क कराने में मदद प्रदान करता था।

इसके बाद क्रिकेट के नियम (Cricket rules in hindi) सबसे पहले 1744 में बनाए गए थे। उनके मुताबिक दोनों टीमों के द्वारा चुने गए दो कप्तान होंगे। जिन्हें किसी भी प्रकार के विवाद से निपटने का अधिकार होगा। विकेटों की 22 इंच ऊँचाई होगी और उनके बीच 6 इंच की दो गिल्लियां रखी जायेंगी। लेकिन उस समय बल्लों के आकार को लेकर कोई पावंदी नहीं बनी थी।

इसके बाद दुनिया का पहला ‘हेमब्लेडन (Hembledon) क्रिकेट क्लब’ 1760 के दशक में बना था और इसके बाद 1787 में ‘मेरीलीब़ोन (Merylebone) क्रिकेट क्लब’ की स्थापना की गई। इसक क्लब की स्थापना होने के बाद इसने ठीक एक साल बाद क्रिकेट के खेल में नियमों में कई सुधार कर इसका विभावक बन गया था। ‘मेरीलीब़ोन क्रिकेट क्लब’ द्वारा बनाए गए नियम 18वीं शताब्दी आते-आते दूसरे हिस्सों में भी शामिल कर लिए गए थे।

इन नियमों के बनने के बाद 1760 और 70 के दशक में क्रिकेट में बॉल को ज़मीन से लुडकाने के बजाय बॉल को हवा में लहराकर (अपरआर्म) आगे डालने का चलन प्रारम्भ हो गया था। और साथ में बल्लेबाजों के बेटों (बल्ले) में भी बदलाव हुए और वह सीधा 6 इंच चौड़ा कर दिया गया था।

बल्लेबाजों की आक्रामकता को देख पहला LBW (लेग बिफोर विकेट) नियम और तीसरे स्टंप का नियम 1774 में बनाया गया। इसके कुछ साल बाद 1780 में बड़े मैचों की अवधि तीन दिन हो गई और साथ ही 6 सीम (सिलाई) वाली क्रिकेट बॉल को भी लाया गया था।

क्रिकेट का पूर्ण विकास और इसमें बदलाव 19वीं सदी में किये गए। मतलब सफ़ेद रंग की गेंद और इसका सटीक आकार, चोट से बचने के लिए पैड और दस्ताने, बाउंड्री 6 और 4 (मतलब पहले केवल रन भागकर ही लेते थे।) आदि की शुरुआत हो गई थी।

होकी और फुटबॉल जैसे खेल तो बहुत ही जल्दी अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेले जाने लगे थे लेकिन क्रिकेट बहुत समय तक ओपनिवेशक खेल ही बना रहा था। यह खेल वहीं तक सीमित रहा जहाँ ब्रिटिश शासन के अंग थे। इसके अलावा क्रिकेट वहीं खेला गया जहाँ पहले कभी अंग्रेजी-शासन हुआ करता था।  

बता दें कि दुनिया का पहला आधिकारिक टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘मेलबोर्न क्रिकेट मैदान’ में 15 मार्च 1877 से 19 मार्च मार्च 1877 के बीच खेला गया था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन के अंतर से हरा दिया था।

पहला अंतराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच भी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के ही बीच 5 जनवरी, 1971 को ‘मेलबोर्न क्रिकेट मैदान’ में खेला गया था। इसके चार साल बाद 1975 में ‘एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कप’ का प्रारम्भ हो गया था।

पहला ‘एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कप’ वेस्टइंडीज ने जीता था और आखिरी बार 2019 में ‘एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कप’ इंग्लैंड की टीम ने पहली बार जीता है। अभी तक कुल 12 बार ‘एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कपों’ का आयोजन हुआ है।  

भारत में क्रिकेट का इतिहास – Indian cricket history in hindi

भारत में क्रिकेट कब शुरू हुआ था? तो इसका इतिहास काफ़ी रोचक है। –  

भारत में क्रिकेट ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ के नाविकों द्वारा शौकिया तौर पर शुरू किया गया था। हालाँकि भारत में हमें क्रिकेट का पहला सबूत 1721 में मिलता है। जिसमे ईस्ट इंडिया कंपनी के नाविकों के द्वारा केम्बे, बड़ोदा में खेले गए मैच का ब्यौरा मिलता है। जिसके बाद पहला भारतीय क्लब 1792 में ‘कलकत्ता कल्ब’ बना था।

इसके बाद 18वीं सदी के दौरान भारत में क्रिकेट केवल अंग्रेजों द्वारा उनके क्लबों और ज़िमखानों में ही खेला जाता था। उस समय ब्रिटिश लोग भारतीयों को क्रिकेट खेलने लायक नहीं समझते थे। लेकिन भारत में क्रिकेट की शुरुआत का श्रेय (क्रेडिट) बम्बई के पार्सिओं के एक छोटे से समुदाय को जाता है जोकि व्यापार के दौरान अंग्रेजों के संपर्क में आये थे।

पार्सिओं ने अग्रेजों को देख 1848 में अपने पहले क्रिकेट क्लब ‘ओरिएण्टल क्रिकेट क्लब’ की बम्बई में स्थापना कर दी। पारसी क्लब के प्रायोजक (Sponsor) टाटा और बाडिया जैसे पारसी व्यवसायी थे। क्रिकेट खेलने वाले घमंडी और नकचडे अंग्रेजों ने उत्साही पार्सिओं की कोई भी मदद नहीं की वल्कि उन्होंने झगडाकर उल्टे ‘पारसी क्लब’ को पोलो टीम के घोड़ों के द्वारा उनका मैदान ख़राब कर दिया था।

लेकिन पार्सिओ के ज़ोरदार उत्साह के चलते उन्होंने अपना खुद का जिमखाना बना लिया। और बाद में पारसी की एक टीम ने बोम्बे जिमखाना को 1889 में बुरी तरह हरा दिया ज़ोकि ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ की स्थापना के 4 वर्ष बाद हुआ था।

बता दें कि ‘पारसी ज़िमखाना क्लब’ की स्थापना ने एक नई परम्परा की आग सुलगा दी। जिससे दूसरे भारतीय ने भी धर्म के आधार पर क्लब बनाने शुरू कर दिए। जिसके बाद अलग-अलग धर्म की टीमें बनने के बाद भारत में क्रिकेट जारी रहा। अंत में भारत के ब्रिटिश-शासन से पूरी तरह स्वतंत्र होने के बाद सभी रणजी ट्राफी के रूप में स्वतंत्र रूप से खेलने लगे जोकि भारत का सबसे पुराना क्रिकेट टूर्नामेंट है। History of cricket in India

  • भारत में सबसे पहले क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी रणजीत सिंह जी (Ranjitsinghji) और दुलीप सिंह जी (Duleepsinghji) हैं जोकि इंग्लैंड टीम की ओर से खेलते थे।  
  • भारत ने अपना पहला टेस्ट क्रिकेट मैच 1932 लॉर्ड्स में इंग्लैंड के विरुद्ध खेला था जोकि इस तीन दिन के टेस्ट मैच को ख़राब प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम हार गई थी। उस मैच में भारतीय टीम के सबसे पहले कप्तान सीके नायडू (CK Nayudu) थे।
  • भारत ने 1934 में अपनी पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप ‘रणजी ट्राफी’ की शुरुआत की थी।
  • भारत ने आजादी के बाद इंग्लैंड के अलावा किसी अन्य देश में जाकर ऑस्ट्रेलिया के साथ टेस्ट सीरीज खेली और इंडिया पूरी सीरीज बुरी तरह हार गई थी।
  • इसके बाद 1948 में मेजबानी करते हुए भारत ने इंग्लैंड के अलावा वेस्टइंडीज से 5 मैचों की टेस्ट श्रंखला खेली और यहाँ भी वेस्टइंडीज 1-0 से भारत से जीत ले गई थी।
  • भारत को अपनी पहली टेस्ट जीत 1952 को मद्रास में इंलैंड के विरुद्ध मिली थी। उसी वर्ष के अंत तक भारत को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीती मिली थी और भारत ने विदेशी धरती पर पहली बार न्यूजीलैंड को मात दी थी।

इसके बाद भारतीय टीम धीरे-धीरे टेस्ट-क्रिकेट के प्रारूप में अच्छा खेलने लग गई थी। लेकिन 70 के दशक आते-आते एक-दिवसीय क्रिकेट का चलन प्रारम्भ हो गया था। इसके बाद 1975 में सबसे पहला एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कप’ का आयोजन हुआ था। उस दौरान मैच की एक पारी में बोलरों द्वारा 60 ओवर फैंके जाते थे।

भारतीय टीम ‘एक-दिवसीय विश्व कप’ के पहले और दूसरे संस्करण में एक कमजोर कमज़ोर होने के कारण दोनों बार प्रथम-चरण से ही बाहर हो गई थी।

भारतीय टीम एक-दिवसीय क्रिकेट में लगातार हारने के बाद इस प्रारूप में मजबूती हासिल करती रही और एक-दिवसीय विश्व कप के तीसरे चरण 1983 में बेहतरीन खिलाडियों कपिल देव, सुनील गावस्कर,रवि शास्त्री, मदन लाल, संदीप पाटिल, मोहिंदर अमरनाथ और रॉजर बिन्नी आदि के साथ वापिसी की और इस विश्व कप को जीत इतिहास रच दिया और दुनिया को बता दिया कि हम दुनिया के क्रिकेट में राज करने जा रहे हैं।

इस जीत के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन साल दर साल निखरता रहा। भारतीय टीम ने 2007 में टी20 विश्व कप जीता, 2011 में ODI वर्ल्ड कप जीता और इसके बाद चैंपियन ट्राफी को भी अपने नाम कर लिया। पिछले 2 दशक से भारतीय टीम बहुत अच्छा प्रदर्शन कर क्रिकेट के सभी प्रारूपों में अच्छी पायदान पर लगातार बनी हुई है। 

तो दोस्तों हम पूरी उम्मीद करते हैं कि यहाँ तक भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi को पढकर आपने क्रिकेट से जुड़े बहुत सारे नए पहलुओं को भी जाना होगा।   

इसे भी जाने: फुटबॉल खेल का रोचक इतिहास एवं सभी नियम

एक-दिवसीय क्रिकेट वर्ल्ड कप का इतिहास – Cricket world cup in hindi | Cricket world cup history in hindi

किसी भी खेल की बात करें तो सभी खेल एक प्रतियोगिता (टूर्नामेंट) के तौर पर खेले जाते हैं। इसी प्रकार क्रिकेट में सबसे पहले 1975 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा ‘एक-दिवसीय क्रिकेट विश्व कप’ का प्रारम्भ किया गया था जोकि क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है।

एक-दिवसीय विश्व कप के 1975 से लेकर 2019 तक कुल 12 संस्करणों का आयोजन किया जा चुका है। इस विश्व कप को आखिरी बार इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध जीता था जोकि इंग्लैंड में ही आयोजित किया गया था।

विश्व कप के सभी विजेताओं की सूची | List of all world cup winners

वर्ष विजेता उपविजेता 
1975 वेस्ट इंडीज ऑस्ट्रेलिया 
1979 वेस्ट इंडीज इंग्लैंड 
1983 इंडिया वेस्ट इंडीज 
1987 ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड 
1992 पाकिस्तान इंग्लैंड 
1996 श्री लंका ऑस्ट्रेलिया 
1999 ऑस्ट्रेलिया पाकिस्तान 
2003 ऑस्ट्रेलिया इंडिया 
2007 ऑस्ट्रेलिया श्री लंका 
2011 इंडिया श्री लंका 
2015 ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड 
2019 इंग्लैंड न्यूजीलैंड 

टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप का इतिहास – T20World cup in hindi | T20 Cricket world cup history in hindi

यदि टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह क्रिकेट का सबसे ज्यादा पोपुलर और मजेदार प्रारूप है। इस प्रारूप को दुनियाभर में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। यदि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास की बात करें तो इसका पहला संस्करण 2007 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जीता था2007 से लेकर 2016 तक इस विश्व कप का 6 बार आयोजन किया जा चुका है। जिसे आखिरी बार वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के विरुद्ध जीता था जोकि भारत में आयोजित हुआ था।

टी20 विश्व कप विजेताओं की सूची | List of all T20 world cup winners

वर्ष विजेता उपविजेता 
2007इंडिया पाकिस्तान 
2009पाकिस्तान श्री लंका 
2010इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया 
2012वेस्ट इंडीज श्री लंका 
2014श्री लंका इंडिया 
2016वेस्ट इंडीज इंग्लैंड 

निष्कर्ष: Conclusion

हम आशा करते हैं कि आप भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi को जानकार ज्ञानवर्धक महसूस कर रहे होंगे। भारतीय क्रिकेट का इतिहास | Cricket history in hindi के अलावा हमने इस लेख में क्रिकेट का पूर्ण इतिहास और एक-दिवसीय क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket world cup in hindi), टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप (T20 cricket world cup in hindi),  History of cricket in hindi, History of cricket in India को भी सरल रूप में समझाया है।

यदि इस आर्टिकल से सम्बंधित आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएँ। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि हम इस लेख में ओर अधिक वैल्यू एकत्रित कर सकें।

क्रिकेट (Cricket) से जुडी इस सटीक जानकारी को यदि आप अन्य लोगों जैसे कि अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करना चाहते हैं तो प्लीज इस आर्टिकल को व्हाट्सअप्प, फेसबुक, ट्विटर एवं टेलीग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर जरूर शेयर करें।

This Post Has 51 Comments

  1. erotik

    This text is priceless. Where can I find out more? Marty Millard Fortna

  2. gay black cocks

    I blog frequently and I genuinely thank you for your information. This article has truly peaked my interest. I am going to bookmark your blog and keep checking for new details about once a week. I opted in for your RSS feed as well. Cammi Itch Bascomb

    1. Hariom K.

      I’m glad,
      This article is helpful for you nd thank you for visiting the HindiLeaf family

  3. You really make it seem so easy with
    your presentation but I find this topic to be actually
    something that I think
    I would never understand. It seems too complicated and very broad for me.

    I am looking forward for your next post, I will
    try to get the hang of it!

  4. Haberler

    Greetings! I know this is somewhat off topic but I was wondering if you knew
    where I could locate a captcha plugin for my comment form?
    I’m using the same blog platform as yours and I’m having trouble finding
    one? Thanks a lot.!

  5. ilahi sözleri

    My relatives every time say that I am wasting my time here at net, however I
    know I am getting know-how all the time by reading thes
    good articles.

  6. Pretty section of content. I just stumbled upon your weblog and
    in accession capital to assert that I acquire actually enjoyed account your blog
    posts. Anyway I’ll be subscribing to your augment and
    even I achievement you access consistently quickly

  7. Numara Sorgula

    Thank you for this beautiful article. It’s really a good article

  8. Ankeris Merz

    The article is really excellent. Every time I read it, I get information again.
    The best article I’ve read in a long time….

  9. If you are going for finest contents like me, simply pay a quick
    visit this web page every day for the reason that it presents feature contents, thanks

  10. Gündem Haberleri

    Hello there! This article couldn’t be written much better!
    Looking through this article reminds me of my previous roommate!
    He always kept preaching about this. I’ll forward this post to him.
    Pretty sure he will have a very good read. Thank you for sharing!

  11. Spot on with this write-up, I actually feel this
    website needs a great deal more attention. I’ll probably be returning to see
    more, thanks for the information!

  12. İlahi Sözleri

    Greetings! I know this is somewhat off topic but I was wondering if you knew
    where I could locate a captcha plugin for my comment form?
    I’m using the same blog platform as yours and I’m having trouble finding
    one? Thanks a lot!

  13. Hi to every one, as I am actually eager of reading this web site’s post to be updated on a regular
    basis. It includes good information.

  14. Fantastic website you have here but I was wondering if
    you knew of any community forums that cover the same topics discussed in this article?
    I’d really love to be a part of community where I can get feedback from other knowledgeable individuals that share the same interest.
    If you have any recommendations, please let me know.
    Appreciate it!

  15. kitchen island

    Very nice post. I just stumbled upon your weblog
    and wished to say that I’ve truly enjoyed surfing around your blog posts.

    After all I will be subscribing to your feed and I hope you write
    again very
    soon!

  16. I need to to thank you for this very good read!! I certainly enjoyed every little bit of it. I have you book marked to look at new things you postÖ

  17. Lavern Motorcycle

    I’m impressed, I have to admit. Rarely do I encounter a blog that’s equally educative and interesting, and without a doubt, you have hit the nail on the head. The issue is something which not enough men and women are speaking intelligently about. I am very happy that I came across this in my hunt for something concerning this.

  18. Inger- Laminator

    Hi there friends, its enormous post on the topic of tutoringand entirely explained, keep it up all the time.|

  19. Sparkle

    Iím impressed, I must say. Seldom do I encounter a blog thatís both educative and entertaining, and let me tell you, you’ve hit the nail on the head. The problem is something that not enough folks are speaking intelligently about. Now i’m very happy I came across this in my hunt for something concerning this.

  20. Justin Women

    I conceive this site has some very fantastic info for everyone : D.

  21. site

    Hi, I think your blog might be having browser compatibility issues.
    When I look at your blog site in Chrome, it looks fine but when opening in Internet
    Explorer, it has some overlapping. I just wanted to give you a quick heads up!
    Other then that, excellent blog!

  22. DonaldSurse

    Absolutely with you it agree. I think, what is it good idea.

  23. site

    Thanks for sharing your thoughts on site. Regards

  24. Deandre

    Very informative article. Will read on…

  25. aspirin

    Nice answer back in return of this issue with solid arguments and describing all about that.

  26. resources root

    Hello to every body, it’s my first visit of this weblog; this web site includes remarkable and really excellent material for visitors.|

  27. Hello there. I found your site via Google whilst looking for a similar subject, your site came up. It appears to be great. I have bookmarked it in my google bookmarks to come back then.

  28. Samuel- India

    It is in point of fact a nice and helpful piece of information. I’m happy that you just shared this useful info with us. Please keep us informed like this. Thank you for sharing.

  29. Judson

    After looking at a few of the blog posts on your website, I honestly like your technique of writing a blog. I saved as a favorite it to my bookmark site list and will be checking back in the near future. Please check out my web site too and tell me what you think.

  30. Cruz Pest Control

    This is the right blog for anyone who hopes to find out about this topic. You understand a whole lot its almost hard to argue with you (not that I actually would want to…HaHa). You definitely put a new spin on a topic that’s been written about for a long time. Great stuff, just wonderful.

  31. joker 123

    I quite like reading through a post that will make people think.

    Also, thanks for allowing me to comment!

  32. Hello, all is going nicely here and ofcourse every one is sharing data, that’s in fact excellent, keep up writing.|

  33. Trina Ny

    An impressive share! I have just forwarded this onto a co-worker who has been doing a little research on this. And he in fact ordered me lunch because I discovered it for him… lol. So allow me to reword this…. Thank YOU for the meal!! But yeah, thanks for spending time to discuss this matter here on your site.

  34. w88top

    Definitely imagine that that you said. Your favourite justification appeared to be on the
    web the easiest factor to take into account
    of. I say to you, I certainly get irked whilst other people
    think about worries that they plainly do not recognize about.
    You managed to hit the nail upon the highest and also outlined out the whole thing with no need side-effects
    , other people could take a signal. Will likely be back to get more.
    Thanks

  35. I do not even know how I ended up here, but I thought this post was great. I don’t know who you are but certainly you’re going to a famous blogger if you aren’t already 😉 Cheers!

  36. JosephAmild

    I just want to say thank you for this great forum. I found a solution here on hindileaf.com for my issue.

  37. click here

    I dont even know how I ended up here, but I thought this post was great. I do not know who you are but definitely you are going to a famous blogger if you aren’t already 😉 Cheers!

Leave a Reply